Tere aane

तेरे आने की ख़ुशी में हमने, यूँ इतने चिराग जला लिए..
दिल को चिरागों में जला कर, हमने अपने अरमान सजा दिए.
 
अरमानो की सेज सजी थी, हवाएँ दस्तक भी दे रही थी,
हवाओं में बह कर हमने, खुद को पागल भी बना लिया.

हर दस्तक पर दौड़े हम, की अब तो तुम आ ही जाओगे.
पर जब दरवाजों पर खाली सर सराहट ही हुई, खुद में ही आंसुओं को छुपा लिया.

कितना छुपते छुपाते हम , खाली सिलवटों पर.
साँसों की भी तो उम्र होती है, 
टूट तो वो भी जाती हैं, थक कर हार जाने पर.


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